ओ री चिरैया......

ओ री चिरैया......

"एक मिटटी के बर्तन में पानी, एक में दाना....इस भीषण गर्म्मी से चिड़िया को है बचाना...."

इस गर्मी से हम  इंसान ही नहीं, बल्कि नन्हें-नन्हें पक्षी भी परेशान हैं. हर साल गर्मी के मौसम में न जाने कितने पक्षी प्यास और Heatstroke का शिकार हो कर जान दे देते हैं, हम यदि एक छोटी-सी कोशिश करें, थोड़ी-सी मानवता दिखाएं अपने घर और आस पास के बगिचो में पक्षियों के लिए पानी और दाने का प्रबंध करवाए ताकि इस भीषण गर्मी से उनको सहारा मिले | 
आप कुछ छोटे छोटे उपाय कर के इन विलुप्त होते हुए पक्षियों का सहारा बन सकते है आइये जानते है कुछ सरल उपाय.....

  • पक्षियों के लिए पानी रखे

अपने घर की छतो एवं बालकनियो में पानी रखे | इसके लिए आप मिट्टी के बर्तन ले सकते है क्युकी मिट्टी के बर्तनों में पानी जल्दी गर्म नही होता |  
  • पक्षियों के लिए दाना रखे 


पक्षियों के लिए आप एक बर्तन में दाना गेहू, ज्वार आदि रख सकते है | चिड़िया वेसे तो किट-पतंगों को खाती है पर अब खेती में भी रसायनों का ज्यादा उपयोग इनके लिए जानलेवा साबित हो रहा है |  फीडिंग के लिए आप youtube पर विडियो देख के प्लास्टिक की बोतल का उपयोग से घर पर भी फीडर बना सकते है जो आपके घर को एक रोचक लुक देगा एवं आपके बच्चों के लिए एक fun Activity भी साबित होगा | 


पक्षियों के विलुप्ति में हमारा ही हाथ है, बढ़ते शहरीकरण ओर ओद्योगिककरण कि वजह से पेड़ पौधे लगातार कटते जा रहे है, आज इस भौतिकवादी ओर प्रगतिवादी युग के चलते हमने विकास के नाम पर पर्यावरण ओर प्रकृति के साथ खिलवाड़ करके रख दिया है !
जिससे जलवायु परिवर्तन ओर बढ़ते तापमान की वजह से पक्षी विलुप्त होने की कगार पर है, आज वन कटते जा रहे है, ओर नदिया सूखती जा रही है ! रसायन का खोल हमारे भोजन में परोसा जा रहा है, जिससे मनुष्य के स्वास्थ्य के साथ ही पशु पक्षियों के भी जीवन चक्रण पर बुरा असर पड़ा है !
आज पक्षियों के चहकने की आवाज दूर दूर तक सुनाई नही देती है !
पहले अँगने में छोटी सी गौरया उछल कूद कर अठखेलियां करती थी, नन्हे पक्षी अपने घौसले को सजाकर घरोंदा बनाया करते थे ! लेकिन हम लोगो ने बहुमंजिला ईमारत बनाकर पक्षियों का आसरा छीन लिया है !
आओ हम सब मिलकर एक कदम बढ़ाए ओर विलुप्त हो रहे इन नन्हे पक्षियों को बचाये |

:- युवा उड़ान फाउंडेशन 
:-Vijay Kheriya



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